मध्य प्रदेश में कोरोनावायरस के 6 केस मिलने के बाद 43 जिलों को लॉकडाउन कर दिया गया है। हालांकि, जबलपुर और नरसिंहपुर में 3 दिन पहले से ही यह जारी है। जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन शुरू हुए लॉकडाउन से लोग हैरत में हैं। भोपाल समेत प्रदेश के अन्य जिलों में प्रशासन ने रविवार रात को ही मुनादी कराके लोगों को अलर्ट कर दिया था। मुनादी में ये भी कहा गया था कि घबराने जैसी कोई बात नहीं है। जरूरत के सभी सामान आसानी से उपलब्ध रहेंगे। हालांकि लॉकडाउन के बावजूद कुछ लोग बेवजह घर से निकल रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने नया तरीका निकाला है। चेकिंग के दौरान जो लोग बेवजह सड़कों पर दिख रहे हैं पुलिस उनके हाथों में एक पैम्पलेट देकर फोटो खींच रही है। इसमें लिखा है ''मैं समाज का दुश्मन हूं, मैं घर पर नहीं रहूंगा।'' मंदसौर जिले के एसपी हितेश चौधरी का कहना है कि यह सामाजिक प्रयोग है ताकि लोग अपने घरों में ही रहें। अब तक कोरोनावायरस के जबलपुर में 5 और भोपाल में एक मामला सामने आया है।
लॉकडाउन किए गए जिलों में अलग-अलग समयावधि रहेगी। इन जिलों में धारा 144 भी लागू की गई है। यहां इसका असर भी देखने को मिल रहा है। सोमवार सुबह से लोगों ने दूध और सब्जी खरीदी। जरूरत का सामान लेने के बाद अपने घरों में चले गए। प्रशासन ने लोगों से घर से काम करने के लिए कहा है।
मध्य प्रदेश के कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री तरुण भनोट ने बताया कि सभी 6 कोरोना पॉजिटिव की हालत स्थिर है। प्रदेश में अब तक 75 नमूने लिए जा चुके हैं। 48 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबलपुर से 5 कोरोनावायरस मरीज सामने आए। ये लोग 4 हजार से अधिक लोगों के संपर्क में आए। भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने मीडिया से कोरोना पॉजिटिव की पहचान उजागर नहीं करने की अपील की है।
भोपाल में रविवार को एक युवती को कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि के बाद शहर को 31 मार्च तक टोटल लॉकडाउन किया गया। जरूरत का सामान और इमरजेंसी सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है। पुराने शहर में लोगों ने घरों से निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए वापस भेज दिया। पेट्रोल पंप, दवाओं की दुकान और मिल्क पॉर्लर खुले हैं। बाहरी छात्रों को खाने की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए होटलों को होम डिलीवरी की छूट दी गई है। भोपाल में उड़ानें बंद कर दी गई हैं। सरकारी कर्मचारियों को 31 मार्च तक घर पर रहकर ही काम करने को कहा गया है।